सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान- 2026 के अंतर्गत इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 के मदन महल गार्डन में आयोजित जन-विश्वास शिविर में जनसेवा, जनसंवाद और सुशासन की प्रभावी तस्वीर देखने को मिली। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर नागरिकों को शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की कार्यवाही की। जन संवाद, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, उद्यमी संवाद और विभिन्न विभागों की सेवाएं शिविर के प्रमुख आकर्षण रहे।

शिविर में सांसद श्री शंकर लालवानी, प्रभारी महापौर श्री राजेंद्र राठौड़, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, विधायक श्री रमेश मेंदोला, नगर निगम के सभापति श्री मुन्नालाल यादव सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण, अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

खास बातें

  • विभागीय स्टॉलों पर मिलीं विभिन्न शासकीय सेवाएं
  • शिविर में सभी संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए।
  • इनमें आधार सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, समग्र ई-केवाईसी, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाओं सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

विभागीय स्टॉलों पर मिलीं विभिन्न शासकीय सेवाएं

शिविर में सभी संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए। इनमें आधार सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, समग्र ई-केवाईसी, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाओं सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को काफी सुविधा मिली।

स्वास्थ्य शिविर में नागरिकों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण

जन-विश्वास शिविर के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा नियमित जांच कराने की सलाह भी दी। शिविर में आयुष विभाग द्वारा भी स्वास्थ्य परीक्षण कर मरीजों का उपचार किया गया।

उद्यमी संवाद में गूंजे सफलता और आत्मनिर्भरता के अनुभव

शिविर में आयोजित उद्यमी संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक एवं अन्य सहायता प्राप्त कर अपना व्यवसाय स्थापित करने और आगे बढ़ने वाले उद्यमियों ने सहभागिता की। उद्यमियों श्री सिद्धार्थ जैन (नवकार स्टील) और सुश्री मानसी जैन (शंकर नमकीन उद्योग) ने अपने संघर्ष, व्यवसाय की शुरुआत और सफलता तक के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शासन की योजनाओं से प्राप्त सहायता ने उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने, अपने व्यवसाय का विस्तार करने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। उद्यमियों के अनुभवों से अन्य इच्छुक युवाओं एवं नागरिकों को भी स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरणा मिली।

जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। शिविर के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने, नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया।

अस्पताल, कॉलेज, स्पोर्ट्स काम्पलेक्स का निरीक्षण

शिविर के प्रारंभ में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, विधायक श्री रमेश मेंदोला और प्रभारी महापौर श्री राजेंद्र राठौड़ ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 के नंदानगर अस्पताल, कनकेश्वरी महाविद्यालय और सुभाष नगर स्थित संजीवनी क्लिनिक तथा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी तरह अन्य अधिकारियों ने भी आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूल, उचित मूल्य की दुकान, स्वास्थ्य संस्थाओं का भी आकस्मिक निरीक्षण किया।

शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नागरिकों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष में सुना। उन्होंने उनकी समस्याओं को जाना तथा संबंधित अधिकारियों को तुरंत निराकरण के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का मूल उद्देश्य शासन की सेवाओं को आम नागरिकों के और करीब लाना, उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करना तथा जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। जन-विश्वास शिविर इसी दिशा में जनसेवा और सुशासन की महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया गया।