मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मंडला केवल एक जिला नहीं, बल्कि वीरता, जनजातीय संस्कृति और नर्मदा सभ्यता का अद्भुत संगम है। गोंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली विरासत, वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य, गोंड एवं बैगा जनजातियों की समृद्ध संस्कृति और माँ नर्मदा का आशीर्वाद मंडला को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि मंडला के महत्व को और अधिक व्यापक रूप से सामने लाने के लिए वे आने वाले समय में मंडला से जुड़े और भी महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण बिंदुओं को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
तेंदूपत्ता संग्राहकों और वन समितियों को बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला की धरती पर आना सौभाग्य का विषय है। दीपावली का पर्व प्रदेशवासी उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसी उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 149 करोड़ की बोनस राशि वितरित की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार वनोपज संग्राहकों के हितों और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट जिले के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 की बोनस राशि 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 का वितरण किया जा रहा है।
इसी प्रकार पूर्व सामान्य एवं पश्चिम सामान्य वनमंडल मंडला की 84 वन समितियों के 39 हजार 399 सदस्यों को वर्ष 2025-26 की 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 की काष्ठ लाभांश राशि वितरित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।
मंडला में बनेगा टाइगर सफारी जू और रेस्क्यू सेंटर - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके की मांग पर मंडला में टाइगर सफारी-जू स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंडला आने वाले पर्यटक यदि सफारी के दौरान बाघ का दीदार नहीं कर पाते हैं, तो ज़ू के माध्यम से उन्हें बाघ सहित वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यहां वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। जिसमें घायल एवं बीमार वन्यप्राणियों का इलाज किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे मंडला में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने घुघरी एवं मोहगांव में महाविद्यालय प्रारंभ करने की घोषणा करते हुए क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की बात कही। उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से चार-चिरोंजी जैसे लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा भी की, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
मंडला में होगा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला में स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है तथा क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक के लिए 16.63 करोड़ की स्वीकृति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला की पहचान केवल इसके प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि यहां की ऐतिहासिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, कृषि, वन संपदा और मां नर्मदा से भी जुड़ी है। सरकार मंडला के इस बहुआयामी महत्व को विकास की नई दिशा से जोड़ते हुए जिले को आगे ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मंडला में पान की खेती व दुग्ध सहकारी समितियों को सशक्त किया जायेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला जिले में पान की खेती को विकसित किया जायेगा ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुधन संवर्धन व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध समितियों को सशक्त करने के लिए कहा ताकि दुग्ध उत्पादक किसानों को उचित लाभ मिल सके। इसके लिए गांव-गांव में दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और किसानों को दूध का सही दाम दिलाया जायेगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि अभी 1500 सुगम बस परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है, आने वाले समय में गांव-गांव तक इसका विस्तार किया जायेगा, जिससे गरीबों को गांव से आने-जाने के लिए सरकारी बस और सार्वजनिक परिवहन की सेवा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले शालाओं में ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या 14 प्रतिशत थी लेकिन अब सांदीपनि विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थाएं बनने से ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या शून्य प्रतिशत हो गई है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिले के 163 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी की चाबी सौंपी और यातायात सुरक्षा के लिए हेलमेट भी पहनाए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों, योजनाओं एवं गतिविधियों के संबंध में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि मंडला की पावन धरती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आगमन जिलेवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश के साथ-साथ मंडला जिले में भी विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। आज तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण होने के साथ विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जा रहा है, जिससे जिले के विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस का वितरण दीपावली के अवसर पर उनके जीवन में खुशियां लाने वाला कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंडला को विकास की महत्वपूर्ण सौगातें देने के लिए आभार व्यक्त किया।
सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार गरीब, किसान, श्रमिक, आदिवासी और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण सरकार की जनकल्याणकारी सोच का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मंडला सहित पूरे क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। आज जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जा रहा है, उनसे आने वाले समय में जिले के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मंडला की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और पर्यटन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
200 करोड़ की लागत के 27 विकास कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मंडला जिले में 260 करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये की लागत के 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 200 करोड़ 2 लाख 38 हजार रुपये की लागत के 27 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
लोकार्पित प्रमुख कार्यों में बिछिया एनएच- 30 से सरई गेट मार्ग, लंबाई 8.90 किलोमीटर, लागत 17.0196 करोड़ रुपये, सांदीपनि शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल बिछिया के भवन निर्माण कार्य की लागत 39.46 करोड़ रुपये, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन निवास का निर्माण कार्य 7.9 करोड़ रुपये, सांदीपनि विद्यालय घुटास के निर्माण कार्य की लागत 33.15 करोड़ रुपये तथा सांदीपनि विद्यालय सागर, जिला मंडला के निर्माण कार्य की लागत 27.69 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, जनजातीय विकास, सड़क एवं अन्य अधोसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को भी लोकार्पित किया गया। इस प्रकार कुल 27 कार्यों का 200.02 करोड़ रुपये की लागत से लोकार्पण किया गया।
कलेक्ट्रेट भवन एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मंडला जिले में 260 करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये की लागत से कुल 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया।
इनमें मगरदा-बोदा-तिलहरी मार्ग, लंबाई 4.50 किलोमीटर, लागत 9.3985 करोड़ रुपये, खैरी-झुरकी-पौड़ी मार्ग में बुढ़नेर नदी पर पहुंच मार्ग सहित पुल निर्माण, लागत 14.52 करोड़ रुपये, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज, लागत 16.78 करोड़ रुपये, नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन मंडला, लागत 33.92 करोड़ रुपये, नवीन नर्सिंग कॉलेज मंडला, लागत 14.80 करोड़ रुपये, पुलिस लाइन मंडला में 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास गृह निर्माण, लागत 12.54 करोड़ रुपये तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन निर्माण, लागत 4.11 करोड़ रुपये सहित सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनजातीय विकास एवं अन्य अधोसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
इन सभी 47 कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 260.62 करोड़ रुपये है।
आदिवासी सम्मान और समृद्धि के लिए आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण के इस कार्यक्रम में लघु एवं कुटीर ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा मंडला जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, लघु वनोपज संघ श्री नवीनगिरी गोस्वामी, वरिष्ठ समाजसेवी श्री प्रफुल्ल मिश्रा, श्री जयदत्त झा, पूर्व विधायक श्री रामप्यारे कुलस्ते एवं श्री देवसिंह सैयाम, जिला पंचायत सदस्य श्री शैलेष मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी, डीएफओ श्री माधव सिंह मौर्य, सुश्री प्रीता एसएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




