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वेस्टवॉटर से आगे: इस्तेमाल किए गए पानी को संसाधन में बदलना
तेज़ी से बढ़ते शहरों में, पानी का इस्तेमाल होने के बाद पानी का चक्र खत्म नहीं होता। घरों, कारखानों और आस-पड़ोस से बहकर निकलने वाले पानी को बेकार नहीं माना जाना चाहिए।
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तेज़ी से बढ़ते शहरों में, पानी का इस्तेमाल होने के बाद पानी का चक्र खत्म नहीं होता। घरों, कारखानों और आस-पड़ोस से बहकर निकलने वाले पानी को बेकार नहीं माना जाना चाहिए।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है।
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वर्ष 2014 में शुरू किया गया स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए एक व्यापक आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें अच्छे स्वास्थ्य को जीवन के चार लक्ष्यों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—की प्राप्ति का प्रमुख आधार बताया गया है।
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एक दशक पहले एक भारतीय बाजार में घूमते हुए, अक्सर एक प्लास्टिक बैग के साथ खरीदारी की जाती थी, जिसे आमतौर पर पॉलिथीन कहा जाता है। इन बैगों में सब्जियां, कपड़े, भोजन और अनगिनत अन्य खरीदारी होती थी।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य' का उद्घाटन किया।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भरता और दूसरों की सेवा के महत्व पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने जन्मदिन पर मिली शुभकामनाओं के लिए दुनिया भर के नेताओं का आभार व्यक्त किया।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में प्रमुख सीईओ के साथ सेमीकंडक्टर गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए बताया कि ज्ञान समाज के साथ सद्भाव में रहने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बुद्धि और समृद्धि प्रदान करता है, हृदय को आनंद से भर देता है और व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इस सुभाषितम् का तात्पर्य है कि एक बुद्धिमान और समझदार व्यक्ति को ज्ञान की हर शाखा से सार निकालना चाहिए, चाहे वह बड़ी हो या छोटी।
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