ग्राम पुरेना में किसान अनमोल दुबे द्वारा अपनाई गई औषधीय खेती का कृषि विभाग की टीम ने खेत पर पहुंचकर निरीक्षण किया। कृषि विभाग के दिशा-निर्देशानुसार जून माह में बोई गई इस फसल में अब फूल आ गए हैं और फसल फ्लावरिंग स्टेज पर पहुंच चुकी है। फसल की स्थिति बेहद अच्छी एवं संतोषजनक पाई गई।

किसान अनमोल दुबे ने बताया कि उन्होंने इस फसल में किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा एवं रासायनिक उर्वरक का प्रयोग नहीं किया है। फसल में जैविक एवं प्राकृतिक तरीके से तैयार खाद का ही उपयोग किया गया है। इस प्रकार उन्होंने बीना तहसील में औषधीय फसल के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती का एक बेहतर मॉडल प्रस्तुत किया है।

खास बातें

  • किसान अनमोल दुबे ने बताया कि उन्होंने इस फसल में किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा एवं रासायनिक उर्वरक का प्रयोग नहीं किया है।
  • अधिकारियों ने फसल की वर्तमान अवस्था का निरीक्षण करते हुए आगामी प्रबंधन एवं बेहतर उत्पादन के लिए किसान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
  • अन्य किसानों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल किसान अनमोल दुबे द्वारा पारंपरिक खेती से हटकर औषधीय खेती को अपनाना क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का विषय है।

फसल निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीना अवधेश राय के नेतृत्व में कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारियों की टीम ने किसान के खेत पर पहुंचकर फसल की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने फसल की वर्तमान अवस्था का निरीक्षण करते हुए आगामी प्रबंधन एवं बेहतर उत्पादन के लिए किसान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अन्य किसानों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल किसान अनमोल दुबे द्वारा पारंपरिक खेती से हटकर औषधीय खेती को अपनाना क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का विषय है। बिना रासायनिक खाद एवं दवाओं के प्राकृतिक एवं जैविक पद्धति से तैयार की जा रही यह फसल न केवल खेती में नए प्रयोग की दिशा दिखा रही है, बल्कि किसान को बेहतर आय की संभावनाएं भी प्रदान कर रही है।

कृषि विभाग द्वारा भी ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।