कभी बारिश की हर बूंद रेनुका भारती के परिवार के लिए चिंता लेकर आती थी। कच्चे घर की छत से टपकता पानी, गर्मी में बढ़ती परेशानी और बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित स्थान का अभाव उनके रोजमर्रा के जीवन की कठिनाइयों का हिस्सा था। आज वही परिवार पक्की छत के नीचे सुरक्षित जीवन जी रहा है।
घर में नल से स्वच्छ पानी पहुंच रहा है, परिवार के पास स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान कार्ड है और सभी आवश्यक दस्तावेज आसानी से बन जाने से परिवार कई शासकीय सुविधाओं से जुड़ गया है। यह बदलाव प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और अन्य शासकीय योजनाओं से संभव हुआ है।
खास बातें
- आज वही परिवार पक्की छत के नीचे सुरक्षित जीवन जी रहा है।
- पक्की छत ने बदली जिंदगी की तस्वीर - विकासखण्ड छिन्दवाड़ा के ग्राम सारसवाड़ा की निवासी श्रीमती रेनुका भारती अपने पति श्री राजकुमार भारती एवं परिवार के साथ निवास करती हैं।
- आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्रतानुसार परिवार को ₹5 लाख तक के निःशुल्क उपचार का सुरक्षा कवच मिल गया है।
पक्की छत ने बदली जिंदगी की तस्वीर - विकासखण्ड छिन्दवाड़ा के ग्राम सारसवाड़ा की निवासी श्रीमती रेनुका भारती अपने पति श्री राजकुमार भारती एवं परिवार के साथ निवास करती हैं। वे विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) भारिया समुदाय से आती हैं। पहले परिवार कच्चे मकान में रहता था। बरसात में घर में पानी आने की चिंता रहती थी और गर्मी के दिनों में भी परिवार को असुविधाओं का सामना करना पड़ता था।
बच्चों की पढ़ाई के लिए भी घर में वह वातावरण नहीं था, जिसकी एक परिवार को आवश्यकता होती है। पीएम जनमन के अंतर्गत परिवार को पक्के आवास का लाभ मिला। पक्का मकान तैयार होने के बाद परिवार को न केवल सुरक्षित छत मिली, बल्कि अलग रसोईघर जैसी सुविधा भी उपलब्ध हुई। अब मौसम की परिस्थितियां परिवार के लिए पहले जैसी चुनौती नहीं हैं।
घर की मजबूती ने परिवार के जीवन में सुरक्षा और स्थायित्व का भाव बढ़ाया है। घर तक पहुंचा स्वच्छ पानी, परिवार को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा - श्रीमती रेनुका भारती के परिवार को नल-जल योजना का लाभ भी मिला है। अब घर पर ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड और बैंक खाते बनाए गए हैं तथा आयुष्मान कार्ड भी उपलब्ध कराया गया है।
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्रतानुसार परिवार को ₹5 लाख तक के निःशुल्क उपचार का सुरक्षा कवच मिल गया है। इन योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार केवल एक पक्के मकान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आवास के साथ पेयजल, स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी जुड़ गया है। श्रीमती रेनुका भारती कहती है - “पहले हमारा परिवार कच्चे मकान में रहता था, जिससे बारिश और गर्मी में बहुत परेशानी होती थी।
पीएम जनमन योजना से हमें पक्का आवास मिला है। अब हमारे घर की छत सुरक्षित है और बच्चों को पढ़ाई के लिए अच्छा वातावरण मिला है। नल-जल योजना से घर पर स्वच्छ पानी मिल रहा है और आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध हुई है। इन योजनाओं से हमारे परिवार के जीवन में बहुत बदलाव आया है। अब हमें पहले की तरह परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
मैं शासन की इन योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करती हूं।”


